04.21.07
गुलजार देंगे स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि
प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की 150 वीं वर्षगांठ के मौके पर संसद भवन में दस मई को एक भव्य आयोजन किया गया है जिसमें 1857 में अंग्रेजों से लोहा लेने वाले वीरों को गुलजार, शुभा मुद्दगल और जगजीत सिंह जैसे विख्यात कलाकार गीत और गजल के जरिए श्रद्धांजलि देंगे।
मशहूर गजल गायक जगजीत सिंह ने बताया कि संसद के ऐतिहासिक केन्द्रीय कक्ष में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में वे बहादुरशाह जफर की मशहूर गजल ‘ लगता नहीं जी मेरा उजड़े दयार में, किसकी बनी है आलमें न पायदार में’ गाएँगे।
दूसरी ओर मशहूर गायिका शुभा मुद्दगल अंग्रजों से लोहा लेने वाली वीरांगना झांसी की रानी की वीरता पर प्रख्यात कवियत्री सुभद्रा कुमारी चौहान द्वारा लिखित मशहूर कविता खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी को अपने सुरों में ढालेंगी।
लोकसभा सचिवालय के सूत्रों ने बताया कि मशहूर फिल्मकार और गीतकार गुलजार इस अवसर पर खासतौर से तैयार किया गया राष्ट्र भक्ति भरा एक गीत प्रस्तुत करेंगे।
संसद की ओर से संभवत: पहली बार आयोजित हो रहे इस तरह के कार्यक्रम को राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम, उपराष्ट्रपति भैरो सिंह शेखावत, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी संबोधित करेंगे।
कार्यक्रम में दोनों सदनों के सांसद हिस्सा लेंगे। इस मौके पर स्वतंत्रता संग्राम के संबंध में एक वृत चित्र भी दिखाया जाएगा। यह कार्यक्रम सुबह साढे नौ बजे से करीब पौने ग्यारह रह बजे तक चलेगा।
Sagar Chand Nahar said,
May 10, 2007 at 2:14 pm
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