04.30.07
ग़जलों में परोसी जा रही अश्लीलता
अगर मैं गायक नहीं होता तो शायद पुलिस अफसर होता क्योंकि वर्ष 1959 में पंजाब पुलिस में बतौर एएसआई भर्ती होकर कुछ माह पुलिस बल में नौकरी की थी। घर में संगीत का रुझान होने के चलते ही संगीत की ओर कदम बढ़ाए।
यह कहना है प्रख्यात ग़जल गायक जगजीत सिंह का, जो रविवार को पत्नी चित्रा सिंह के साथ माँ वैष्णो देवी के दर्शनों के लिए सुबह करीब 10.30 बजे आधार शिविर कटड़ा पहुंचे। इससे पहले सिंह ने शनिवार की शाम जम्मू के हरी निवास स्थल पर अपनी आवाज का जादू बिखेरते हुए उपस्थित जनसमूह को ग़जल की मौसिकी में डुबो दिया। इसके बाद सुबह में पत्नी चित्रा सिंह के साथ माँ वैष्णो देवी के दर्शनों के लिए कटड़ा स्थित हैलीपैड पर पहुंचे, जहां उनकी अगवानी डीपीएस के प्रबंधक सुमिन्दर सिंह, योगाचार्य दयाल राम व हैलीपैड पर उपस्थित सुरक्षा अधिकारियों ने की।
हैलीपैड पर सिंह ने बताया कि माँ वैष्णो देवी में उनकी गहरी आस्था है। यूं तो बचपन से ही वह माँ के चरणों में हाजिरी लगाते रहे है, परंतु पिछले छह वर्षो से वह अपनी पत्नी के साथ निरंतर माँ के चरणों में हाजिरी लगाने आ रहे है। संगीत के सफर के बारे में उन्होंने कहा कि संगीत उन्हे पिता सरदार अमर सिंह से विरासत के रूप में मिली है, जिसको आगे बढ़ाने का निरंतर प्रयास कर रहे है। वहीं, पुरानी ग़जलों व गानों पर आधुनिक फिल्मांकन पर एतराज जताते हुए सिंह ने कहा कि आधुनिक पीढ़ी के रूझान के मद्देनजर पुरानी ग़जलें व गानों को आधुनिक रूप में प्रस्तुत करना तो ठीक है, परंतु इन ग़जलों व गानों पर फिल्मांकन करने से वह अत्यंत दुखी है। आज ग़जलों व गानों के बहाने अश्लीलता परोसी जा रही है, जिस पर प्रतिबंध लगाना जरूरी है।
भारतीय शास्त्रीय संगीत से आधुनिक पीढ़ी द्वारा दूरी बनाए जाने पर सिंह ने कहा कि आज की पीढ़ी पूरी तरह से कम्प्यूटरीकृत हो गई है, जिस कारण नई पीढ़ी को भारतीय सभ्यता के महान संगीत के बारे में सोचने के लिए समय तक नहीं है। अलबत्ता, वह दिन जल्दी ही आएंगे, जब एक बार फिर भारतीय शास्त्रीय संगीत की विश्व भर में तूती बोलेगी। हालांकि इस महान भारतीय परंपरा को सहेज कर रखना और निरंतर आगे बढ़ाना सभी संगीतकारों तथा गायकों का दायित्व है।
दूसरी ओर आधुनिक गायकों के बारे में सिंह ने कहा कि आधुनिक गायक अत्यंत प्रतिभाशाली है। खासकर राशिद खान, हरीहरण व मो. वकील प्रमुख है। हिंदुस्तान व पाकिस्तान के रिश्तों के बारे में उन्होंने कहा कि संगीत के माध्यम से दोनों देशों को एक माला में पिरोया जा सकता है क्योंकि संगीत की कोई सीमा नहीं होती है। जगजीत सिंह पत्नी चित्रा सिंह के साथ हैलीकाप्टर से सीधे माँ वैष्णो देवी के भवन पर पहुंचे, जहां माँ के चरणों में हाजिरी लगाने के बाद दोपहर करीब तीन बजे आधार शिविर कटड़ा पहुंच गए। इसके बाद जम्मू की ओर रवाना हो गए।